स्वीकृति का स्थान: दर्पण में अपने प्रतिबिंब का सामना करना और स्वयं से शुद्धिकरण
स्वीकृति का स्थान आत्मा से शुद्धिकरण है। इब्न अरबी से सूफी परंपरा तक — दर्पण के प्रतिबिंब का सामना करना, निर्णय से प्रेम तक।
"Yol öğretir, ayna gösterir, ruh tekamül eder."
स्वीकृति का स्थान आत्मा से शुद्धिकरण है। इब्न अरबी से सूफी परंपरा तक — दर्पण के प्रतिबिंब का सामना करना, निर्णय से प्रेम तक।