हृदय ईश्वरीय सिंहासन: युनुस एमरे और वहदत अल-वुजूद का सूफी रहस्य
हृदय और ईश्वरीय सिंहासन — तेरहवीं सदी के कवि युनुस एमरे की अमर पंक्तियों में छिपा सूफी रहस्य: ईश्वरीय एकता (वहदत अल-वुजूद), करुणा और आत्मा की मुक्ति की यात्रा।
"Yol öğretir, ayna gösterir, ruh tekamül eder."
हृदय और ईश्वरीय सिंहासन — तेरहवीं सदी के कवि युनुस एमरे की अमर पंक्तियों में छिपा सूफी रहस्य: ईश्वरीय एकता (वहदत अल-वुजूद), करुणा और आत्मा की मुक्ति की यात्रा।